लीबियाई की सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद अल-हद्दाद की मंगलवार रात तुर्किये में प्लेन क्रैश में मौत हो गई। प्लेन में 8 लोग सवार थे, सभी की मौके पर ही मौत हो गई।
तुर्किये के गृह मंत्री अली येरलिकाया ने बताया कि फाल्कन-50 विमान का मलबा अंकारा के पास हायमाना इलाके में मिला है। विमान में टेकऑफ के 30 मिनट बाद ही तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
यह लीबियाई मिलिट्री डेलिगेशन अंकारा में तुर्किये के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने को लेकर हाई लेवल बातचीत के लिए आया था और वापस लीबिया लौट रहा था।
हादसे में मरने वालों में लीबिया के थल सेना प्रमुख जनरल अल-फितूरी घ्रैबिल, ब्रिगेडियर जनरल महमूद अल-कतावी, चीफ ऑफ स्टाफ के सलाहकार मोहम्मद अल-असावी दियाब, सैन्य फोटोग्राफर मोहम्मद ओमर अहमद महजूब और 3 क्रू मेंबर शामिल हैं।
प्लेन ने इमरजेंसी लैंडिंग का मैसेज भेजा था
लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल-हामिद दबैबा ने फेसबुक पर बयान जारी कर जनरल अल-हद्दाद और अन्य अधिकारियों की मौत की पुष्टि की और इसे देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान बताया।
तुर्किये के गृह मंत्री अली यरलीकाया के मुताबिक, विमान लोकल समय के मुताबिक रात करीब 8 बजे अंकारा के एसनबोगा एयरपोर्ट से उड़ा था और कुछ देर बाद संपर्क टूट गया।
प्लेन ने हायमाना इलाके के पास आपात लैंडिंग का संकेत भेजा था, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं हो सका।
अंकारा एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद
स्थानीय टीवी चैनलों पर जारी सीसीटीवी फुटेज में रात के आसमान में तेज रोशनी और विस्फोट जैसा दृश्य दिखा। विमान का मलबा अंकारा से करीब 70 किलोमीटर दक्षिण हायमाना जिले के एक गांव के पास मिला।
हादसे के बाद अंकारा एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और कई उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर भेजा गया। तुर्किये के न्याय मंत्रालय ने हादसे की जांच के लिए चार अधिकारियों की नियुक्ति की है। वहीं, लीबिया सरकार ने भी जांच में सहयोग के लिए अपनी टीम अंकारा भेजने का फैसला किया है।
तुर्की में एयर क्रैश, लीबिया के आर्मी चीफ मोहम्मद अली सहित 8 लोगों की मौत
