छत्तीसगढ़ में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग को लेकर अभिभावकों, ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और शिक्षा से जुड़े संगठनों ने शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार के माध्यम से शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सरकारी स्कूलों में कक्षाओं की कमी, बढ़ती छात्र संख्या और संसाधनों के अभाव की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि कई शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि उपलब्ध कक्ष पर्याप्त नहीं हैं। परिणामस्वरूप बच्चों को एक ही कक्ष में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है या वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बरामदे व अस्थायी कमरों का सहारा लेना पड़ता है। इससे शिक्षण गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों की एकाग्रता पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर अतिरिक्त कक्षों का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, कुछ स्कूलों में भवन जर्जर अवस्था में हैं, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बनी हुई हैं। ज्ञापन में नई कक्षाओं के साथ-साथ फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड, बिजली-पंखा और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी मांग की गई है।
शिक्षा मंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि आगामी बजट और योजनाओं में स्कूल भवन विस्तार को प्राथमिकता दी जाए। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि विभागीय सर्वे कर त्वरित निर्णय लिया जाएगा ताकि नए शैक्षणिक सत्र से पहले अतिरिक्त कक्षों का निर्माण शुरू हो सके।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करना अनिवार्य है और सरकार द्वारा समय पर कदम उठाए जाने से हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
